Friday, March 26, 2010





मत इंतजार कराओ हमें इतना
की वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये
क्या
पता कल तुम लौट क्र आओ
और
हम खामोश हो जाएँ...............!

दूरयों से दिल को कोई फर्क पड़ता नहीं
बात तो दिलो की नजदिक्यों से होती है
प्यार तो कुछ आपसे था
वरना
बातें जाने कितनो से होती है......!

दिल
से हमें खेलना आता नहीं
इसलिए दिल की बजी हम हार गए
शायद मेरी जिन्दगी से उन्हें बहुत प्यार था
इसलिए वो मुझे जिन्दा ही मार गए............!

लोग
मोहब्बत को खुदा का नाम देते हैं
कोई करता है तो उसे इल्जाम देते हैं
कहते हैं पत्थर दिल रोया नहीं करते
और
पत्थर के रोने को झरने का नाम देते हैं........!

भीगी आँखों से मुस्कुराने का मजा कुछ और है
हस्ते हस्ते पलकें भींग जाने का मजा कुछ और है
बातें कहने पर तो कोई भी समझ लेता है
पर ख़ामोशी कोई समझे तो मजा कुछ और है.........!

Sunday, March 14, 2010


अच्छा तुम्हारे शाहर का दस्तूर हो गया
जिसको दिल से लगाया वो दूर हो गया......!

कागज मे दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवाना बे पढ़े मशहूर हो गया........!

महलों मे लगाये हमने कितने सितारे
मगर जमीं से चाँद दूर हो गया.......!

अगर तलाश करूँ तो कोई मिल ही जायेगा
पर तुम्हारी तरह हमें कौन चाहेगा......!

तुम्हे जरुर कोई चाहतों से देखता होगा
मगर वो आँखें हमारी कन्हा से लायेगा.......!

मै अपनी राह मे दीवार बन के बैठा हूँ
अगर कोई आना चाहे तो किस रस्ते से आएगा...!

तुम्हारे साथ ये मौसम फरिश्तों जैसा है
तुम्हारे बाद ये मौसम मुझे बहुत सताएगा........!