Thursday, September 30, 2010

कौन हुँ मैं....


इक रोशनी की किरण का मोहताज हुँ मैं...
जान बाकी है लेकिन एक एहसास हुँ मैं...
दिल दफ़्न हो चुका है साँसें जिन्दा हैं...
खुद से ही निराश हो चुकी एक आस हुँ मैं....!

जमाना डरता है जिससे वो दूरी हुँ मैं...
जो पूरी ना हो पायी कभी वो कहानी अधूरी हुँ मैं...
दिल मैं कुछ अरमान थे जो अब टूट गये हैं...
युँ ही बसर हो रही एक मजबूरी हुँ मैं......!

राहत ना दे पाये जो ऐसी छाया हुँ मैं...
खुद की ही गर्मी से जल्ती हुई काया हुँ मैं...
ये ख्याल जब से दिमाग में आये हैं...
सोचता रेहता हुँ बस यही, इन्सान हुँ या माया हुँ मैं....!

Wednesday, September 15, 2010


"Ab Main Aksar Khush Rehta Hoon.........!!
YaaD hey "JANAM"...?????
pechlay Baar tUM nE kAha Tha.....
"MUJh Ko Bhool Ke Tum KhusH rEHna"
"tuM kO tO mAy BHooL nAhi Paya....
"LakiN" ..."JANAM",
chUPkay CHupkAY dUKh Sehta hOon....Aur...
Ab Mai Aksar kHush Rehta HoOn............!!" 

Thursday, September 9, 2010



क्यों कभी गुस्सा करहू किसी पर ....
मै..... तो मस्त मौल्ल हू
गम को पीछे छोड़ कर चला जा रहा हू...
ना जाने कौन मिलेगा ...
ज़िन्दगी की किसी मोर पर....
जो जीना सिखा देगा .....
क्यों कभी गुस्सा करहू किसी पर ....
मै..... तो मस्त मौल्ल हू .......!!!