Tuesday, November 3, 2009


तरसती नजरों ने हर पल उसका साथ माँगा
जैसे आसमान ने रात मे चाँद माँगा
रूठ गया वो खुदा भी हमसे
जब हमने हर दुआ मे तुम्हारा साथ माँगा!

वो प्यारी निगाह हमेशा याद रहेगा
मिल कर न मिलने की अदा हमेशा याद रहेगा
मुमकिन है मेरे बाद वो मुझे भूल जाए
लेकिन उम्र भर उसे मेरी वफ़ा याद रहेगा!

पास आ कर सभी दूर चले जाते हैं
हम अकेले थे और अकेले ही रह जाते हैं
हम दिल का दर्द किस्से दिखाएँ
मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं!

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