
यादों का एक झोंका आया हमसे मिलने बरसों बाद
पहले इतना रोये नही थे जितना रोये बरसो बाद........!
लम्हा लम्हा घर उजरा है मुशकिल से ये एहसास हुआ
पत्थर आए वर्षों पहले शीसा टूटे बरसों बाद.......!
भूल भी जाओ कैसे टूटा क्यूँ टूटा
ढूँढ रहे हो क्या गालयों मे दिल के टुकरे बरसों बाद......!
दस्तक की उम्मीद लगाये कबतक ऐसे जीते रहें
कल मिलने का वादा करने वाले मिलने न आए बरसो बाद......!
पहले इतना रोये नही थे जितना रोये बरसो बाद........!
लम्हा लम्हा घर उजरा है मुशकिल से ये एहसास हुआ
पत्थर आए वर्षों पहले शीसा टूटे बरसों बाद.......!
भूल भी जाओ कैसे टूटा क्यूँ टूटा
ढूँढ रहे हो क्या गालयों मे दिल के टुकरे बरसों बाद......!
दस्तक की उम्मीद लगाये कबतक ऐसे जीते रहें
कल मिलने का वादा करने वाले मिलने न आए बरसो बाद......!
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