Saturday, October 24, 2009

पल पल तेरी याद आती है


उन्होंने अपनापन कभी दिखाया ही नही अपने गमे पल का साथी बनाया ही नही
गलतियाँ अपनी हम मान भी जाते पर क्या करें कसूर हमारा हमें बताया ही नही........!

हजारो झोपरियाँ जल कर रख होती है तब जा कर कंही एक महल बनता है
आशिकों के मरने पे कफ़न भी नही मिलता हसीनो के मरने पे ताजमहल बनता है.......!

जिंदगी मे कई ऐसे मौके आते हैं कुछ लम्हे हसते हैं कुछ रुलाते हैं
किसी बहने हम्मे याद करते रहना वरना आजकल लोग नाम तक भूल जाते हैं...........!

दिल मे है जो दर्द वो किसे बत्तायें हस्ते हुए ये जखम किसे दिखाएँ
कहती है ये दुन्या हमे खुसनसीब मगर इस नशीब की दास्ताँ हम किसे बत्तायें...........!

जिनकी तमन्ना दिल मे थी जुदाई अब हम उनकी सहते हैं
फुर्सत नही उन्हें हमसे कुछ बत्तें करने की इसलिए अब हम हर वक्त खामोश रहते हैं.......!

जिसको न थी मेरे प्यार की कदर उसी को चाह रहा था मै
उसी दिए ने जलाया मेरे हाथो को जिसको हवा से बचा रहा था मै...........!

इश्क करने वाला आँखों से आँखों की बात समझ लेते हैं
सपनो मै मिल जाए तो मुलाकात समझ लेते हैं
रोता तो ये आसमान भी है अपनी धरती के लिए पर लोग उसे बरसात समझ लेते हैं........!

समझा न कोई इस दिल की बात को दर्द दुनिया ने बिना सोचे ही दे दिया
सह गए जो हम चुपके से तो हमें ही पत्थर दिल कह दिया..........!

अब तो उन्हें फुर्सत नही हमारे लिए और हमारा हर वक्त गुजरता है उन्हें फरयाद करके
अगर आए जो वो हमारी मौत पे तो कह देना अभी सोये हैं हुम उन्हें याद करके..............!

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